चाणक्य नीति परंपरागत रूप से चाणक्य से संबद्ध व्यावहारिक नीति-वचनों का संस्कृत संग्रह है। किसी निरंतर कथा या दार्शनिक संवाद के स्थान पर इसमें विद्या, अनुशासन, चरित्र, सावधानी, मैत्री, परिवार, धन, विपत्ति और सामाजिक आचरण पर संक्षिप्त विचार मिलते हैं।
इसके पद्य सीधे और उद्धरणीय हैं, किंतु उन्हें केवल आधुनिक नारों में सीमित नहीं किया जा सकता। बूँद-बूँद से भरता घड़ा, सर्वत्र सम्मानित विद्वान या कुल को सुशोभित करता चरित्र जैसे बिम्ब व्यावहारिक विवेक को स्मरणीय भाषा देते हैं।