नवदुर्गा स्तोत्रम् से सुभाषित

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नवीनतम अद्यतन: 21 जून 2026

27 मार्च 2026
नवदुर्गा स्तोत्रम्

सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥

siddhagandharvayakṣādyairasurairamarairapi । sevyamānā sadā bhūyāt siddhidā siddhidāyinī ॥

नवदुर्गा के नौवें स्वरूप माँ सिद्धिदात्री की स्तुति, जो सभी सिद्धियों और शक्तियों को प्रदान करने वाली हैं।

भक्तिशक्तिआध्यात्मिकता
26 मार्च 2026
नवदुर्गा स्तोत्रम्

श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥

śvete vṛṣe samārūḍhā śvetāmbaradharā śuciḥ । mahāgaurī śubhaṁ dadyān mahādevapramodadā ॥

नवदुर्गा के आठवें स्वरूप माँ महागौरी की स्तुति, जो पवित्रता और शांति की प्रतीक हैं।

भक्तिशक्तिआध्यात्मिकता
25 मार्च 2026
नवदुर्गा स्तोत्रम्

वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धन्मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥

vāmapādollasallohalatākaṇṭakabhūṣaṇā । vardhanmūrdhadhvajā kṛṣṇā kālarātrirbhayaṅkarī ॥

नवदुर्गा स्तोत्र का यह श्लोक माँ कालरात्रि के भयंकर किंतु मंगलकारी स्वरूप का वर्णन करता है, जो अंधकार और भय का नाश करने वाली हैं।

भक्तिशक्तिआध्यात्मिकता
24 मार्च 2026
नवदुर्गा स्तोत्रम्

चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥

candrahāsojjvalakarā śārdūlavaravāhanā । kātyāyanī śubhaṁ dadyād devī dānavaghātinī ॥

चन्द्रहास खड्ग धारण करने वाली और सिंह पर सवार माँ कात्यायनी की वंदना, जो शुभ फल और शक्ति प्रदान करती हैं।

भक्तिशक्तिआध्यात्मिकता
23 मार्च 2026
नवदुर्गा स्तोत्रम्

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया। शुभदाऽस्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥

siṁhāsanagatā nityaṁ padmāśritakaradvayā । śubhadā’stu sadā devī skandamātā yaśasvinī ॥

नवरात्रि के पांचवें दिन पूजी जाने वाली माँ स्कन्दमाता की स्तुति, जो वात्सल्य और ममता की प्रतिमूर्ति हैं।

भक्तिशक्तिआध्यात्मिकता
22 मार्च 2026
नवदुर्गा स्तोत्रम्

सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदाऽस्तु मे॥

surāsampūrṇakalaśaṃ rudhirāplutameva ca । dadhānā hastapadmābhyāṃ kūṣmāṇḍā śubhadā'stu me ॥

ब्रह्मांड की सृजन शक्ति माँ कूष्माण्डा की प्रार्थना, जो अपने हाथों में अमृत कलश धारण करती हैं और भक्तों का कल्याण करती हैं।

भक्तिशक्तिआध्यात्मिकता
21 मार्च 2026
नवदुर्गा स्तोत्रम्

पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

piṇḍajapravarārūḍhā caṇḍakopāstrakairyutā । prasādaṁ tanute mahyaṁ candraghaṇṭeti viśrutā ॥

माँ चंद्रघंटा की स्तुति, जो देवी दुर्गा का तीसरा रूप हैं, सिंह पर सवार होकर शांति और कल्याण प्रदान करती हैं।

भक्तिशक्तिआध्यात्मिकता
20 मार्च 2026
नवदुर्गा स्तोत्रम्

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

dadhānā karapadmābhyām akṣamālā-kamaṇḍalū । devī prasīdatu mayi brahmacāriṇy-anuttamā ॥

नवरात्रि के दूसरे दिन पूजी जाने वाली माँ ब्रह्मचारिणी का यह श्लोक उनके तपस्वी स्वरूप और अनुशासन की महिमा का गान करता है।

भक्तिशक्तिआध्यात्मिकता
19 मार्च 2026
नवदुर्गा स्तोत्रम्

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

vande vāñchitalābhāya candrārdhakṛtaśekharām । vṛṣārūḍhāṃ śūladharāṃ śailaputrīṃ yaśasvinīm ॥

यह श्लोक नवरात्रि के प्रथम दिन पूजी जाने वाली देवी शैलपुत्री की स्तुति है, जो भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करती हैं और संयम, शांति तथा शक्ति की प्रतीक हैं।

भक्तिशक्तिआध्यात्मिकता