कुमारसम्भवम् से सुभाषित
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नवीनतम अद्यतन: 21 जून 2026
17 जून 2026
कुमारसम्भवम्
त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्। प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः॥
tvatsambhāvitam ātmānaṃ bahu manyāmahe vayam । prāyaḥ pratyayam ādhatte svaguṇeṣūttamādaraḥ ॥
यह सुभाषित बताता है कि श्रेष्ठ व्यक्तियों से मिला आदर मनुष्य को अपने गुणों के प्रति दृढ़ आत्मविश्वास देता है।
सम्मानआत्मविश्वासवैयक्तिकताचरित्र