महोपनिषद् से सुभाषित

इस स्रोत से लिए गए 1 सुभाषित देखें।

यह स्रोत 4 विषयों में फैले 1 सुभाषित प्रदान करता है।

नवीनतम अद्यतन: 22 जून 2026

22 जून 2026
लघुयोगवासिष्ठ

चित्तप्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते। प्राणस्पन्दनिरोधो वा द्वेधा योगस्य धारणा॥

cittapraśamanopāyo yoga ity abhidhīyate । prāṇaspandanirodho vā dvedhā yogasya dhāraṇā ॥

योग को मन शांत करने और प्राण की गति को नियंत्रित करने वाली दोहरी साधना के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

योगशांतिअनुशासनकल्याण