गणेशपञ्चरत्नम् से सुभाषित
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नवीनतम अद्यतन: 14 सित॰ 2026
14 सित॰ 2026
गणेशपञ्चरत्नम्
मुदाकरात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं कलाधरावतंसकं विलासिलोकरक्षकम्। अनायकैकनायकं विनाशितेभदैत्यकं नताशुभाशुनाशकं नमामि तं विनायकम्॥
mudākarāttamodakaṁ sadā vimuktisādhakaṁ kalādharāvataṁsakaṁ vilāsilokarakṣakam । anāyakaikanāyakaṁ vināśitebhadaityakaṁ natāśubhāśunāśakaṁ namāmi taṁ vināyakam ॥
श्रीविनायक की यह भक्तिपूर्ण स्तुति उन्हें मुक्ति के साधक, जगत् के रक्षक और अशुभ के शीघ्र नाशक के रूप में नमन करती है।
भक्तिआध्यात्मिकतानेतृत्व