अष्टावक्र गीता से सुभाषित

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नवीनतम अद्यतन: 25 जून 2026

25 जून 2026
अष्टावक्र गीता

स्वातन्त्र्यात् सुखमाप्नोति स्वातन्त्र्याल्लभते परम्। स्वातन्त्र्यान्निर्वृतिं गच्छेत् स्वातन्त्र्यात् परमं पदम्॥

svātantryāt sukham āpnoti svātantryāl labhate param । svātantryān nirvṛtiṃ gacchet svātantryāt paramaṃ padam ॥

अष्टावक्र गीता स्वतंत्रता को सुख, शांति, आत्मबोध और परम अवस्था की प्राप्ति का मार्ग बताती है।

स्वतंत्रताशांतिआत्मज्ञानआध्यात्मिकता