भविष्य महापुराण से सुभाषित
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नवीनतम अद्यतन: 28 अग॰ 2026
28 अग॰ 2026
भविष्य महापुराण
एष प्रभावो रक्षायाः कथितस्ते युधिष्ठिर। जयदः सुखदश्चैव पुत्रारोग्यधनप्रदः॥
eṣa prabhāvo rakṣāyāḥ kathitas te yudhiṣṭhira । jayadaḥ sukhadaś caiva putrārogyadhanapradaḥ ॥
भविष्य महापुराण का यह श्लोक रक्षा सूत्र को जय, सुख, सन्तति, आरोग्य और धन प्रदान करने वाला बताता है।
सफलताकल्याणस्वास्थ्यसमृद्धि