भगवद्गीता ध्यानम् से सुभाषित

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नवीनतम अद्यतन: 4 सित॰ 2026

4 सित॰ 2026
कृष्णाष्टकम्

वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥

vasudevasutaṁ devaṁ kaṁsacāṇūramardanam । devakīparamānandaṁ kṛṣṇaṁ vande jagadgurum ॥

वसुदेव-पुत्र, कंस और चाणूर के संहारक, देवकी के परम आनन्द और जगद्गुरु श्रीकृष्ण की श्रद्धापूर्ण वन्दना।

भक्तिआध्यात्मिकता